अनुबंध की शर्तों के विपरीत चल रहा काम

उत्तरकाशी। भागीरथी में जमा मलबा (उप खनिज) हटाने का काम तो शुरू हो गया, लेकिन इस काम में लगे ठेकेदार अपने फायदे के लिए अनुबंध की शर्तों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। बेतरतीब ढंग से हो रहे इस कार्य से नगर का सुरक्षित होना संभव नहीं है। बृहस्पतिवार को डिप्टी कलक्टर डा. एसके बरनवाल ने जोशियाड़ा पहुंचकर मलबा उठाने के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य करने के साथ ही कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
दो सालों में बाढ़ के दौरान भागीरथी में 10 लाख घन मीटर मलबा आ गया था। इससे नदी का तल ऊंचा होने से उत्तरकाशी नगर, तिलोथ, जोशियाड़ा सहित तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ के दौरान भारी तबाही मची। सुरक्षा को लेकर नगरवासियों ने आंदोलन किए तो इसके बाद प्रशासन ने जोशियाड़ा पुल से लेकर गंगोरी तक नदी को 19 लॉटों में बांटकर पिछले दिनों टेंडर आमंत्रित किए, जिसमें 6 लॉटों के अनुबंध हुए। इसमें दो लॉटों पर मलबा उठाने का काम शुरू हो गया है, लेकिन काम अनुबंध की शर्तों को अनदेखा कर किया जा रहा है। अनुबंध के अनुसार नदी के दोनों और 25-25 फीसदी क्षेत्र को छोड़कर 50 फीसदी हिस्से से हटाकर नदी को चैनलाइज किया जाना था, लेकिन ठेकेदार अपने फायदे के लिए जहां पर रेत और बजरी (उप खनिज) की मात्रा अधिक देख रहे हैं, वहीं से मलबा उठाना शुरू कर ट्रकों में भरकर बेचना शुरू कर दिया है। ऐसे में नदी चैनलाइज न होने से तटवर्ती क्षेत्र पर खतरा बरकरार है।

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ठेकेदारों के रवैये से खच्चर मजदूर खफा
मलबा उठाने का काम कर रहे ठेकेदारों के मनमाने रवैये से खच्चर मजदूर में रोष है। उनका आरोप है कि ठेकेदार उनसे चुगान के लिए 75 रुपये प्रति खच्चर प्रतिदिन देने की मांग कर हैं। खच्चर मजदूर कुशहाल सिंह, किशन सिंह, लक्ष्मण सिंह, बलवीर सिंह, दीपक आदि का कहना है कि वह पूर्व की भांति प्रशासन को चुगान के लिए 25 रुपये प्रतिदिन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन ठेकेदारों को किसी भी सूरत में रुपये नहीं देंगे।

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